शहीदों का अंतिम संस्कार, किया जाता है कुछ इस खास तरीके के साथ
यूँ तो हमारे देश के वीर सैनिक जब भी वीरगति को प्राप्त करते है, तब हमें बेहद दुःख होता है। मगर जिस तरह से उन शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है, उससे पूरे देश का गौरव भी बढ़ जाता है। वैसे आज हम आपको बताएंगे कि शहीदों का अंतिम संस्कार कितने खास तरीके से किया जाता है। अब जाहिर सी बात है कि जिन जवानो ने हमारे देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणो की बलि दी हो, उन्हें सम्मान देना तो लाजिमी है। बता दे कि हमारे देश के वीर जवानो को अंतिम विदाई पूरे राजकीय सम्मान के साथ दी जाती है। गौरतलब है कि जब कोई जवान शहीद होता है, तो सबसे पहले उनकी बॉडी उनके स्थानीय आवास पर भेजी जाती है।

शहीदों का अंतिम संस्कार..
http://प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी पुलवामा शहीदों को श्रदांजलि
इसके इलावा शहीद वीर जवान की बॉडी के साथ एक और जवान भी तैनात होता है। इसके बाद सेना की एक टुकड़ी शहीद जवान का अंतिम संस्कार करने के लिए उनके निवास स्थान पर जाती है। बहरहाल यह सब प्रक्रिया पूरी करने के बाद जवान के पार्थिव शरीर को पूरे राजकीय सम्मान के साथ तिरंगे में लपेटा जाता है। दरअसल भारतीय झंडा संहिता के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज को केवल सैनिको या राजकीय सम्मान के समय शव को लपेटने के रूप में ही इस्तेमाल किया जाता है। इसके बाद राजकीय, सैनिक, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के सम्मान से युक्त शव पेटिका या अर्थी को झंडे से ढक दिया जाता है।
इस दौरान झंडे का केसरिया भाग अर्थी के आगे वाले हिस्से की तरफ होता है। इसके साथ ही आपकी जानकारी के लिए बता दे कि झंडे को कभी भी कब्र में दफनाया या अर्थी के साथ जलाया नहीं जाता। जी हां अर्थी को जलाने या दफनाने से पहले ही यह तिरंगा शहीद के घरवालों को दे दिया जाता है। यहाँ तक कि इस झंडे को समेटने का तरीका भी काफी खास होता है। इसे समेटते समय अशोक चक्र ऊपर की तरफ होता है। इसके इलावा शहीदों का अंतिम संस्कार करते समय मिलिट्री बैंड की तरफ शोक गीत भी गाया जाता है।
इसके बाद बंदूकों की सलामी दी जाती है। इस दौरान भी बंदूक को एक खास तरीके से उठाया और चलाया जाता है। बता दे कि कुछ इस सम्मान के साथ वीर जवानो को श्रद्धांजलि दी जाती है।
भारत देश और भारतीय सेना से जुडी हुई और भी मजेदार और लेटेस्ट न्यूज़ अब केवल India Alive पर

hello everyone, my name is Rajni Goyal. i am a writer but on the other side i love music. to be very frank i also even don’t know what i want to do in my life. लेकिन अगर अपनी भाषा मैं कहूं तो…. भटकती हुई मुसाफिर हूँ, मंजिल की तलाश है, जहाँ मंजिल दिख जाएँ वही लिखा हमारी किस्मत का असली आगाज है।



